श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 11: श्री ईश्वर पुरी से मिलन  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  1.11.11 
’পণ্ডিত’ সকল দেখে যেন বৃহস্পতি
এই-মত দেখে সবে, যা’র যেন মতি
’पण्डित’ सकल देखे येन बृहस्पति
एइ-मत देखे सबे, या’र येन मति
 
 
अनुवाद
सभी विद्वान उन्हें बृहस्पति के समान मानते थे। इस प्रकार सभी ने अपनी-अपनी मनोवृत्ति से भगवान की सराहना की।
 
All the learned men considered him equal to Brihaspati. Thus, each one praised the Lord from his own perspective.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)