श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 10: श्री लक्ष्मीप्रिया के साथ विवाह  »  श्लोक 99
 
 
श्लोक  1.10.99 
হেন-মতে শ্রী-মুখ-চন্দ্রিকা করি’ রসে
বসিলেন প্রভু, লক্ষ্মী করি বাম-পাশে
हेन-मते श्री-मुख-चन्द्रिका करि’ रसे
वसिलेन प्रभु, लक्ष्मी करि वाम-पाशे
 
 
अनुवाद
इस प्रकार, जब उन्होंने पहली बार एक-दूसरे का मुख देखने का समारोह संपन्न किया, तब भगवान लक्ष्मी को अपने बाईं ओर रखकर बैठ गए।
 
Thus, when they performed the ceremony of seeing each other's faces for the first time, the Lord sat down with Lakshmi on his left side.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)