श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 10: श्री लक्ष्मीप्रिया के साथ विवाह  »  श्लोक 93
 
 
श्लोक  1.10.93 
শেষে সর্ব-অলঙ্কারে করিযা ভূষিত
লক্ষ্মী-কন্যা আনিলেন প্রভুর সমীপ
शेषे सर्व-अलङ्कारे करिया भूषित
लक्ष्मी-कन्या आनिलेन प्रभुर समीप
 
 
अनुवाद
तब वल्लभाचार्य ने अपनी सुन्दर सुसज्जित पुत्री को भगवान के समक्ष प्रस्तुत किया।
 
Then Vallabhacharya presented his beautifully dressed daughter before the Lord.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)