श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 10: श्री लक्ष्मीप्रिया के साथ विवाह  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  1.10.9 
প্রভু-স্থানে পুঙ্থি চিন্তে নাহি যে-যে-জন
তাহারে সে প্রভু কদর্থেন অনুক্ষণ
प्रभु-स्थाने पुङ्थि चिन्ते नाहि ये-ये-जन
ताहारे से प्रभु कदर्थेन अनुक्षण
 
 
अनुवाद
प्रभु हमेशा उन लोगों के तर्कों को पराजित कर देते थे जो उनके स्पष्टीकरण से असहमत होते थे।
 
The Lord always defeated the arguments of those who disagreed with His explanations.
तात्पर्य
कदरथ का अर्थ "अर्थ को विकृत करना", "असंगतियों को इंगित करना या अनुचित साबित करना", "प्रदूषित करना", "निंदा करना" या "साफ़ तौर पर अस्वीकार करना" है।
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)