श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 10: श्री लक्ष्मीप्रिया के साथ विवाह  »  श्लोक 74
 
 
श्लोक  1.10.74 
সবে এক বচন বলিতে লজ্জা পাই
আমি সে নির্ধন, কিছু দিতে শক্তি নাই
सबे एक वचन बलिते लज्जा पाइ
आमि से निर्धन, किछु दिते शक्ति नाइ
 
 
अनुवाद
"लेकिन मेरी एक माँग है जिसे बताने में मुझे शर्म आ रही है। मैं गरीब हूँ और दहेज देने के लिए मेरे पास कोई साधन नहीं है।
 
"But I have a demand that I'm embarrassed to mention. I'm poor and I don't have the means to pay a dowry.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)