श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 10: श्री लक्ष्मीप्रिया के साथ विवाह  »  श्लोक 68
 
 
श्लोक  1.10.68 
আচার্য বোলেন,—“শুন, আমার বচন
কন্যা-বিবাহের এবে কর’ সু-লগন
आचार्य बोलेन,—“शुन, आमार वचन
कन्या-विवाहेर एबे कर’ सु-लगन
 
 
अनुवाद
वनमाली आचार्य बोले, "कृपया मेरी बात सुनिए। अपनी पुत्री के विवाह के लिए कोई शुभ दिन चुनिए।"
 
Vanmali Acharya said, "Please listen to me. Choose an auspicious day for your daughter's marriage."
तात्पर्य
'सु-लगना' शब्द का अर्थ है "एक शुभ समय।" राशि चक्र का एक हिस्सा जो किसी खास समय में पूर्वी क्षितिज पर दिखाई देता है, उसे उदय-लग्न या लग्न कहा जाता है। चूँकि राशि चक्र को बारह भागों में बाँटा गया है, इसलिए हर भाग को लग्न के नाम से जाना जाता है।
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)