श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 10: श्री लक्ष्मीप्रिया के साथ विवाह  »  श्लोक 62
 
 
श्लोक  1.10.62 
শুনি’ তা’ন বচন ঈশ্বর মৌন হৈলা
হাসি’ তা’রে সম্ভাষিযা মন্দিরে আইলা
शुनि’ ता’न वचन ईश्वर मौन हैला
हासि’ ता’रे सम्भाषिया मन्दिरे आइला
 
 
अनुवाद
उनकी बातें सुनकर निमाई क्षण भर के लिए चुप रहे। फिर वे मुस्कुराए और ब्राह्मण से कुछ देर और बात करके अपने घर लौट गए।
 
Hearing this, Nimai remained silent for a moment. Then he smiled, talked to the Brahmin for a while longer, and returned home.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)