श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 10: श्री लक्ष्मीप्रिया के साथ विवाह  »  श्लोक 61
 
 
श्लोक  1.10.61 
তোমার বিবাহ লাগি’ বলিলাঙ তা’নে
না জানি’ শুনিযা শ্রদ্ধা না কৈলেন কেনে?”
तोमार विवाह लागि’ बलिलाङ ता’ने
ना जानि’ शुनिया श्रद्धा ना कैलेन केने?”
 
 
अनुवाद
“मैंने उसे तुमसे शादी का प्रस्ताव दिया था, लेकिन किसी कारणवश, मुझे समझ नहीं आया, उसने मना कर दिया।”
 
“I proposed to her that she marry you, but for some reason I don’t understand, she refused.”
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)