श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 10: श्री लक्ष्मीप्रिया के साथ विवाह  »  श्लोक 57
 
 
श्लोक  1.10.57 
আই বোলে,—“পিতৃ-হীন বালক আমার
জীউক, পডুক আগে, তবে কার্য আর”
आइ बोले,—“पितृ-हीन बालक आमार
जीउक, पडुक आगे, तबे कार्य आर”
 
 
अनुवाद
माता शची ने उत्तर दिया, "मेरा पुत्र अनाथ है। उसे कुछ समय तक पढ़ने के लिए अकेला छोड़ दो। बाद में मैं विचार करूँगी।"
 
Mother Shachi replied, "My son is an orphan. Leave him alone to study for some time. I will think about it later."
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)