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श्री चैतन्य भागवत
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खण्ड 1: आदि-खण्ड
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अध्याय 10: श्री लक्ष्मीप्रिया के साथ विवाह
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श्लोक 55
श्लोक
1.10.55
বল্লভ-আচার্য কুলে শীলে সদাচারে
নির্দোষে বৈসেন নবদ্বীপের ভিতরে
वल्लभ-आचार्य कुले शीले सदाचारे
निर्दोषे वैसेन नवद्वीपेर भितरे
अनुवाद
"नवद्वीप में एक वल्लभाचार्य निवास करते हैं, जो एक उच्च कुल में जन्मे हैं। वे शुद्ध, शिष्ट और अनेक गुणों से सुशोभित हैं।"
"In Navadvipa there lives a Vallabhacharya, born in a high family. He is pure, well-mannered and adorned with many virtues."
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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