আদি-খণ্ডে শুন, ভাই, চৈতন্যের কথা
বিদ্যার বিলাস প্রভু করিলেন যথা
आदि-खण्डे शुन, भाइ, चैतन्येर कथा
विद्यार विलास प्रभु करिलेन यथा
अनुवाद
मेरे प्रिय भाइयों, कृपया इस आदि-खण्ड में श्री चैतन्य की कथाओं को सुनो, जिसमें भगवान की विद्यामयी लीलाओं का वर्णन मिलता है।
My dear brothers, please listen to the stories of Sri Chaitanya in this Adi-Khanda, which describe the Lord's learned pastimes.
तात्पर्य
विद्यारा विलास शब्दों की व्याख्या इस प्रकार है: इस भौतिक संसार में सशर्त आत्मा अज्ञानता से ग्रस्त है। दूसरे शब्दों में, वह अपनी और दूसरों की संवैधानिक स्थिति के प्रति अज्ञानी पैदा होता है। जब सशर्त आत्मा के संविधान का हिस्सा होने वाले आध्यात्मिक ज्ञान का पहलू प्रकट नहीं होता है, तो उसकी स्थिति को अज्ञानता या अज्ञान के रूप में जाना जाता है। और परम सत्य के ज्ञान की अनुपस्थिति को मिटाकर आध्यात्मिक प्रवृत्तियों को जगाना और विकसित करना विद्या या ज्ञान कहा जाता है। दूसरे शब्दों में, एक विद्वान व्यक्ति द्वारा किसी की आध्यात्मिक प्रवृत्तियों का जागरण आध्यात्मिक ज्ञान की प्राप्ति के रूप में जाना जाता है। दूसरों की आध्यात्मिक प्रवृत्तियों को जगाना, जिससे विभिन्न तरीकों से आत्म-साक्षात्कार प्राप्त लोगों को लाभ होता है, विद्यारा विलास के रूप में जाना जाता है। अज्ञानता या अज्ञान के आश्रय में, जीव भ्रमित या चकित हो जाते हैं - यह आध्यात्मिक ज्ञान से विपरीत प्रवृत्ति है। जब इस प्रवृत्ति के बल पर और इंद्रिय ज्ञान की मदद से सशर्त आत्माएँ आरोही प्रक्रिया के माध्यम से आगे बढ़ने का प्रयास करती हैं, तो वे विद्वान व्यक्तियों के सामने अपनी अज्ञानता प्रकट करते हैं। श्रीमान महाप्रभु ने भी संपूर्ण विश्व के लाभ के लिए ऐसे विद्यारा विलास लीलाओं का प्रदर्शन किया और इस प्रकार जीवों को अज्ञान के चंगुल से मुक्त किया।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥