श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 10: श्री लक्ष्मीप्रिया के साथ विवाह  »  श्लोक 40
 
 
श्लोक  1.10.40 
বড চণ্ডি-মণ্ডপ আছযে তা’ন ঘরে
চতুর্-দিকে বিস্তর পডুযা তঙ্হি ধরে
बड चण्डि-मण्डप आछये ता’न घरे
चतुर्-दिके विस्तर पडुया तङ्हि धरे
 
 
अनुवाद
उनके घर के आँगन में एक विशाल चण्डीमंडप था। उस हॉल में कई विद्यार्थियों के बैठने की क्षमता थी।
 
There was a huge Chandi Mandap in the courtyard of his house. The hall had the capacity to seat many students.
तात्पर्य
कैंडी-मंडप शब्द का अर्थ एक हिंदू गृहस्वामी के आंगन के भीतर बने हॉल से है, जहां कैंडी या दुर्गा की पूजा और प्रार्थनाओं का पाठ किया जाता है। इसे देवी-गृह, "देवी का घर", या ठाकुर-दालान, "देवताओं का हॉल" भी कहा जाता है। यह स्थान आमतौर पर मेहमानों को बैठने के लिए दिया जाता है।
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)