श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 10: श्री लक्ष्मीप्रिया के साथ विवाह  »  श्लोक 26
 
 
श्लोक  1.10.26 
সূত্র, বৃত্তি, পাঙ্জি, টীকা, যত হেন কর
আমা’ জিজ্ঞাসিযা কি না পাইলা উত্তর?
सूत्र, वृत्ति, पाङ्जि, टीका, यत हेन कर
आमा’ जिज्ञासिया कि ना पाइला उत्तर?
 
 
अनुवाद
“क्या आपने मुझसे सूत्र, वृत्ति, पंजी या टिक के बारे में पूछा है और कोई उत्तर नहीं मिला है?
 
“Have you asked me about formula, instinct, register or tick and got no answer?
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)