श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 10: श्री लक्ष्मीप्रिया के साथ विवाह  »  श्लोक 22
 
 
श्लोक  1.10.22 
ব্যাকরণ-শাস্ত্র এই—বিষমের অবধি
কফ-পিত্ত-অজীর্ণ-ব্যবস্থা নাহি ইথি
व्याकरण-शास्त्र एइ—विषमेर अवधि
कफ-पित्त-अजीर्ण-व्यवस्था नाहि इथि
 
 
अनुवाद
“व्याकरण संबंधी साहित्य को समझना बहुत कठिन है, और उनमें बलगम, पित्त या अपच के बारे में कुछ भी उल्लेख नहीं है।
 
“The grammatical literature is very difficult to understand, and they do not mention anything about mucus, bile or indigestion.
तात्पर्य
अत्यन्त ही कठिन
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)