श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 10: श्री लक्ष्मीप्रिया के साथ विवाह  »  श्लोक 20
 
 
श्लोक  1.10.20 
তথাপিহ প্রভু তাঙ্’রে চালেন সদায
সেবক দেখিযা বড সুখী দ্বিজ-রায
तथापिह प्रभु ताङ्’रे चालेन सदाय
सेवक देखिया बड सुखी द्विज-राय
 
 
अनुवाद
यद्यपि प्रभु प्रसन्न थे कि उनका सेवक चुप रहा, फिर भी उन्होंने उसे चुनौती देना जारी रखा।
 
Although the Lord was pleased that His servant remained silent, He continued to challenge him.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)