श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 10: श्री लक्ष्मीप्रिया के साथ विवाह  »  श्लोक 14
 
 
श्लोक  1.10.14 
গৌরাঙ্গ-সুন্দর বেশ মদন-মোহন
ষোডশ-বত্সর প্রভু প্রথম-যৌবন
गौराङ्ग-सुन्दर वेश मदन-मोहन
षोडश-वत्सर प्रभु प्रथम-यौवन
 
 
अनुवाद
सोलह वर्ष की आयु में श्री गौरांग की सुन्दरता ने कामदेव को भी मोहित कर लिया था।
 
At the age of sixteen, the beauty of Shri Gauranga had even captivated Kamadeva.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)