श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 10: श्री लक्ष्मीप्रिया के साथ विवाह  »  श्लोक 123
 
 
श्लोक  1.10.123 
কমল-পুষ্পের গন্ধ ক্ষণে ক্ষনে পায
পরম-বিস্মিত আই চিন্তেন সদায
कमल-पुष्पेर गन्ध क्षणे क्षने पाय
परम-विस्मित आइ चिन्तेन सदाय
 
 
अनुवाद
जब कभी-कभी उसे कमल के फूल की सुगंध आती तो वह बहुत आश्चर्यचकित हो जाती।
 
Sometimes when she smelled the fragrance of lotus flowers, she would be very surprised.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)