নিরবধি দেখে শচী কি ঘরে বাহিরে
পরম অদ্ভুত জ্যোতিঃ লখিতে না পারে
निरवधि देखे शची कि घरे बाहिरे
परम अद्भुत ज्योतिः लखिते ना पारे
अनुवाद
घर से लगातार ऐसी अद्भुत चमक निकल रही थी कि माता शची ठीक से देख भी नहीं पा रही थीं।
Such a wonderful light was continuously emanating from the house that Mother Shachi was not able to see properly.
तात्पर्य
श्रीमती लक्ष्मीप्रिया-देवी के पदार्पण से, जो स्वयं भगवान की आंतरिक शक्ति के रूप में जानी जाती हैं, श्री-शक्ति, श्री सची का घर वास्तव में सर्वोच्च भगवान के तेजस्वी वैकुण्ठ धाम बन गया।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥