श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 10: श्री लक्ष्मीप्रिया के साथ विवाह  »  श्लोक 115
 
 
श्लोक  1.10.115 
এই-মত নানা-রূপে বোলে নারী-গণে
শুভ-দৃষ্ট্যে সবে দেখে লক্ষ্মী-নারাযণ
एइ-मत नाना-रूपे बोले नारी-गणे
शुभ-दृष्ट्ये सबे देखे लक्ष्मी-नारायण
 
 
अनुवाद
इस प्रकार वे कन्याएँ आनन्दपूर्वक लक्ष्मी और मूल नारायण को देखती हुई अनेक प्रकार से बोलती थीं।
 
In this way, those girls, happily looking at Lakshmi and Moola Narayana, spoke in many ways.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)