श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 10: श्री लक्ष्मीप्रिया के साथ विवाह  »  श्लोक 111
 
 
श्लोक  1.10.111 
“কত-কাল এ বা ভাগ্যবতী হর-গৌরী
নিষ্কপটে সেবিলেন কত-ভক্তি করি
“कत-काल ए वा भाग्यवती हर-गौरी
निष्कपटे सेविलेन कत-भक्ति करि
 
 
अनुवाद
किसी ने कहा, "ये बिल्कुल शिव और पार्वती जैसे दिखते हैं। उन्होंने ज़रूर लंबे समय तक बिना किसी कपट के भगवान की पूजा की होगी।"
 
Someone said, "They look exactly like Shiva and Parvati. They must have worshipped the Lord for a long time without any hypocrisy."
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)