श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 10: श्री लक्ष्मीप्रिया के साथ विवाह  »  श्लोक 107
 
 
श्लोक  1.10.107 
সে রাত্রি তথায থাকি তবে আর দিনে
নিজ-গৃহে চলিলেন প্রভু লক্ষ্মী-সনে
से रात्रि तथाय थाकि तबे आर दिने
निज-गृहे चलिलेन प्रभु लक्ष्मी-सने
 
 
अनुवाद
उस रात भगवान वल्लभाचार्य के घर पर रुके और अगले दिन लक्ष्मी के साथ घर लौट आये।
 
That night the Lord stayed at Vallabhacharya's house and returned home with Lakshmi the next day.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)