श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 10: श्री लक्ष्मीप्रिया के साथ विवाह  »  श्लोक 102
 
 
श्लोक  1.10.102 
তবে শেষে বল্লভ করিতে কন্যা দান
বসিলেন যেহেন ভীষ্মক বিদ্যমান
तबे शेषे वल्लभ करिते कन्या दान
वसिलेन येहेन भीष्मक विद्यमान
 
 
अनुवाद
अन्त में, वल्लभाचार्य, जो भीष्मक से अभिन्न हैं, अपनी पुत्री का दान करने के लिए बैठ गये।
 
Finally, Vallabhacharya, who is inseparable from Bhishmaka, sat down to donate his daughter.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)