श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 10: श्री लक्ष्मीप्रिया के साथ विवाह  »  श्लोक 100
 
 
श्लोक  1.10.100 
প্রথম-বযস প্রভু জিনিঞা মদন
বাম-পাশে লক্ষ্মী বসিলেন সেইক্ষণ
प्रथम-वयस प्रभु जिनिञा मदन
वाम-पाशे लक्ष्मी वसिलेन सेइक्षण
 
 
अनुवाद
भगवान की नवीन युवा सुन्दरता ने कामदेव की सुन्दरता को पराजित कर दिया, तथा लक्ष्मी उनके बायीं ओर बैठ गईं।
 
The Lord's fresh youthful beauty overpowered the beauty of Kamadeva, and Lakshmi sat on his left side.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)