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श्री भक्ति रसामृत सिंधु
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सागर 4: उत्तरी विभाग: गौण भक्ति रस
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श्लोक 13
श्लोक
4.5.13
अथ ईर्ष्युः —
ईर्ष्युर् मान-धना प्रोक्ता प्रौढेर्ष्याक्रान्त-मानसा ॥४.५.१३॥
अनुवाद
द्वेषी व्यक्ति: “अत्यधिक अभिमान और गहरी द्वेष वाली स्त्री को ईर्ष्यु (द्वेषी) कहा जाता है”
A spiteful person: “A woman with great pride and deep hatred is called a jealous person.”
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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