श्री भक्ति रसामृत सिंधु  »  सागर 4: उत्तरी विभाग: गौण भक्ति रस  »  लहर 3: वीर्य-रस (शूरता)  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  4.3.10 
तथा च हरि-वंशे —
तथा गाण्डीव-धन्वानं विक्रीडन् मधुसूदनः ।
जिगाय भरत-श्रेष्ठं कुन्त्याः प्रमुखतो विभुः ॥४.३.१०॥
 
 
अनुवाद
हरिवंश से: "भगवान मधुसूदन ने भरतवंश के श्रेष्ठ गाण्डीवधारी अर्जुन को कुंती के सामने ही नकली युद्ध में परास्त कर दिया।"
 
From Harivansh: "Lord Madhusudan defeated Arjuna, the best wielder of Gandiva of the Bharata dynasty, in a mock battle in front of Kunti."
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by AmritChaitanyaDas