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श्री भक्ति रसामृत सिंधु
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सागर 3: पश्चिमी विभाग: मुख्य भक्ति रस
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लहर 1: शांत-रस (ईश्वर का शांत प्रेम)
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श्लोक 7
श्लोक
3.1.7
तत्र आलम्बनाः —
चतुर्भुजश् च शान्ताश् च अस्मिन्न् आलम्बना मताः ॥३.१.७॥
अनुवाद
“बुद्धिमानों के अनुसार, भगवान का चतुर्भुज रूप (विषय) और शान्त-भक्त (आश्रय) शान्त-रस के आलंबन हैं।”
“According to the wise, the four-armed form of the Lord (the subject) and the peaceful devotee (the shelter) are the supports of the peaceful rasa.”
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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