जम्हाई लेते हुए: "हे योगीन्द्र! निश्चय ही तुम्हारे हृदय रूपी आकाश में भाव का सूर्य उदय हो गया होगा, क्योंकि तुम्हारा मुखकमल अब जम्हाई लेकर खिल रहा है।"
Yawning: "O Yogindra! Surely the sun of devotion must have risen in the sky of your heart, because your lotus face is now blooming by yawning."
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥