यथा —
शरज्-ज्योत्स्ना-तुल्यः कथम् अपि परो नास्ति समयस्
त्रिलोक्याम् आकृईडः क्वचिद् अपि न वृन्दावन-समः ।
न काप्य् अम्भोजाक्षी व्रज-युवति-कल्पेति विमृशन्
मनो मे सोत्कण्ठं मुहुर् अजनि रासोत्सव-रसे ॥२.१.९९॥
अनुवाद
उदाहरण: "चन्द्रमा की चांदनी में शरद ऋतु के समान कोई समय नहीं है। तीनों लोकों में वृन्दावन के समान कोई मनोरंजन स्थल नहीं है। ब्रज की युवतियों के समान कमल-नयन वाली कोई स्त्रियाँ नहीं हैं। यह सोचकर, मेरा हृदय रास नृत्य के आस्वादन के लिए लालायित है।"
Example: "There is no time like autumn in the moonlight. There is no place of entertainment like Vrindavan in the three worlds. There are no women with lotus-like eyes like the maidens of Braj. Thinking of this, my heart yearns to savor the Raas dance."
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥