श्री भक्ति रसामृत सिंधु  »  सागर 2: दक्षिणी विभाग: सामान्य भक्ति रस  »  लहर 1: विभाव (आनंदवर्धक अवस्थाएँ)  »  श्लोक 60
 
 
श्लोक  2.1.60 
(५) बलीयान् —
प्राणेन महता पूर्णो बलीयान् इति कथ्यते ॥२.१.६०॥॥
 
 
अनुवाद
(5) बलियान का अर्थ है “महान शक्ति से भरा हुआ।”
 
(5) Baliyan means “filled with great power.”
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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