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श्लोक 45
श्लोक
2.1.45
तत्र (१) सुरम्याङ्गः —
श्लाघ्याङ्ग-सन्निवेशो यः सुरम्याङ्गः स कथ्यते ॥२.१.४५॥
अनुवाद
(1) सुरम्यांगः: सुन्दर अंगों वाला - "जिस व्यक्ति के शरीर के अंग प्रशंसनीय हैं, उसे सुन्दर अंगों वाला कहा जाता है।"
(1) Surmyangaḥ: One with beautiful body parts - "A person whose body parts are praiseworthy is said to have beautiful body parts."
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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