श्री भक्ति रसामृत सिंधु  »  सागर 2: दक्षिणी विभाग: सामान्य भक्ति रस  »  लहर 1: विभाव (आनंदवर्धक अवस्थाएँ)  »  श्लोक 350
 
 
श्लोक  2.1.350 
चतुष्कम् —
चतुष्कं कञ्चुकोष्णीष-तुन्द-बन्धान्तरीयकम् ॥२.१.३५०॥
 
 
अनुवाद
“चार-टुकड़े वाली पोशाक से तात्पर्य शर्ट, पगड़ी, सैश और निचले वस्त्र से है।”
 
“The four-piece costume refers to the shirt, turban, sash and lower garment.”
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)