श्री भक्ति रसामृत सिंधु  »  सागर 2: दक्षिणी विभाग: सामान्य भक्ति रस  »  लहर 1: विभाव (आनंदवर्धक अवस्थाएँ)  »  श्लोक 346
 
 
श्लोक  2.1.346 
अथ प्रसाधनम् —
कथितं वसनाकल्प-मण्डनाद्यं प्रसाधनम् ॥२.१.३४६॥
 
 
अनुवाद
“वेस्टमेंट का तात्पर्य वस्त्र, आभूषण, सजावट और इसी प्रकार की अन्य चीजों से है।”
 
“Vestment refers to clothing, ornaments, decorations and other similar things.”
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)