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श्री भक्ति रसामृत सिंधु
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श्लोक 312
श्लोक
2.1.312
आद्यं मध्यं तथा शेषं कैशोरं त्रिविधं भवेत् ॥२.१.३१२॥
अनुवाद
“युवावस्था (कैशोर) के तीन भाग हैं: आरंभ, मध्य और अंत।”
“Adolescence has three parts: beginning, middle and end.”
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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