श्री भक्ति रसामृत सिंधु  »  सागर 2: दक्षिणी विभाग: सामान्य भक्ति रस  »  लहर 1: विभाव (आनंदवर्धक अवस्थाएँ)  »  श्लोक 308
 
 
श्लोक  2.1.308 
तत्र वयः —
वयः कौमार-पौगण्ड-कैशोरम् इति तत् त्रिधा ॥२.१.३०८॥
 
 
अनुवाद
“कृष्ण की तीन आयुएँ हैं: बाल्यावस्था (कुमार), बाल्यावस्था (पौगाण्ड) और युवावस्था (किशोर)।”
 
“Krishna has three ages: childhood (kumar), boyhood (paugand) and youth (kishora).”
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)