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श्री भक्ति रसामृत सिंधु
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श्लोक 307
श्लोक
2.1.307
एषाम् आलम्बनत्वं च तथोद्दीपनतापि च ॥२.१.३०७॥
अनुवाद
"हालाँकि, उनके गुण आलंबन और उद्दीपन दोनों के रूप में कार्य करते हैं।"
"However, their properties act as both support and stimulus."
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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