श्री भक्ति रसामृत सिंधु  »  सागर 2: दक्षिणी विभाग: सामान्य भक्ति रस  »  लहर 1: विभाव (आनंदवर्धक अवस्थाएँ)  »  श्लोक 279
 
 
श्लोक  2.1.279 
बिल्वमङ्गल-तुल्या ये साधकास् ते प्रकीर्तिताः ॥२.१.२७९॥
 
 
अनुवाद
“जो लोग बिल्वमंगल के समान हैं उन्हें साधु कहा जाता है।”
 
“Those who are like Bilvamangal are called sages.”
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)