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श्री भक्ति रसामृत सिंधु
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श्लोक 273
श्लोक
2.1.273
अथ कृष्ण-भक्ताः —
तद्-भाव-भावित-स्वान्ताः कृष्ण-भक्ता इतीरिताः ॥२.१.२७३॥
अनुवाद
“कृष्ण के भक्त: जिनके हृदय कृष्ण के प्रति आकर्षण से भरे हैं, वे कृष्ण के भक्त कहलाते हैं।”
“Devotees of Krishna: Those whose hearts are filled with attraction towards Krishna are called devotees of Krishna.”
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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