श्री भक्ति रसामृत सिंधु  »  सागर 2: दक्षिणी विभाग: सामान्य भक्ति रस  »  लहर 1: विभाव (आनंदवर्धक अवस्थाएँ)  »  श्लोक 238
 
 
श्लोक  2.1.238 
धीरोद्धतस् तु विद्वद्भिर् भीमसेनादिर् उच्यते ॥२.१.२३८॥
 
 
अनुवाद
“विद्वान लोग भीम जैसे व्यक्तियों को धीरोद्धार कहते हैं।”
 
“Wise men call men like Bhima as Dhiroddhar.”
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)