vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री भक्ति रसामृत सिंधु
»
सागर 2: दक्षिणी विभाग: सामान्य भक्ति रस
»
लहर 1: विभाव (आनंदवर्धक अवस्थाएँ)
»
श्लोक 126
श्लोक
2.1.126
(३०) धार्मिकः —
कुर्वन् कारयते धर्मं यः स धार्मिक उच्यते ॥२.१.१२६॥
अनुवाद
(30) धार्मिकः पुण्यात्मा - "जो व्यक्ति धर्म के सिद्धांतों का पालन करता है, और दूसरों को भी ऐसा करने के लिए प्रेरित करता है, वह पुण्यात्मा कहलाता है।"
(30) Dharmik: Punyaatma - "A person who follows the principles of Dharma, and inspires others to do the same, is called a Punyaatma."
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×