Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 9.8.18: हे राजा परीक्षित, जव अयोध्या के सभी निवासियों ने देखा कि उनके बेटे पुनर्जीवित हो गए हैं, वे चकित रह गए और राजा सगर को अपने बेटे की अनुपस्थिति पर बहुत पश्चाताप हुआ। | bhagavat अध्याय 9.8: भगवान् कपिलदेव से सगर-पुत्रों की भेंट । bhagavat स्कन्ध 9: मुक्ति । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अयोध्यावासिन: सर्वे बालकान् पुनरागतान् ।
दृष्ट्वा विसिस्मिरे राजन् राजा चाप्यन्वतप्यत ॥ १८ ॥
अनुवाद
हे राजा परीक्षित, जव अयोध्या के सभी निवासियों ने देखा कि उनके बेटे पुनर्जीवित हो गए हैं, वे चकित रह गए और राजा सगर को अपने बेटे की अनुपस्थिति पर बहुत पश्चाताप हुआ।
O King Parīkṣit, when all the people of Ayodhya saw that their sons had come back to life, they were astounded, and King Sāgara felt great remorse over the absence of his son.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥