| श्रीमद् भागवतम » स्कन्ध 9: मुक्ति » अध्याय 7: राजा मान्धाता के वंशज » श्लोक 4 |
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| | | | श्लोक 9.7.4  | त्रसद्दस्यु: पौरुकुत्सो योऽनरण्यस्य देहकृत् ।
हर्यश्वस्तत्सुतस्तस्मात्प्रारुणोऽथ त्रिबन्धन: ॥ ४ ॥ | | | | | | अनुवाद | | पुरुकुत्स का पुत्र त्रसद्दस्यु था, जो अनरण्य का पिता था। अनरण्य का पुत्र हर्यश्व हुआ, जिसने प्रारुण को जन्म दिया। प्रारुण का पुत्र त्रिबन्धन हुआ। | | | | पुरुकुत्स का पुत्र त्रसद्दस्यु था, जो अनरण्य का पिता था। अनरण्य का पुत्र हर्यश्व हुआ, जिसने प्रारुण को जन्म दिया। प्रारुण का पुत्र त्रिबन्धन हुआ। | | ✨ ai-generated | | |
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