Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
bhagavat 9.7.21: तत्पश्चात् इतिहास के बड़े महापुरुष और प्रसिद्ध राजा हरिश्चन्द्र ने किसी मनुष्य की बलि देकर भव्य यज्ञ सम्पन्न किया और सभी देवताओं को तृप्त किया। इससे वरुण ने उन्हें जो जलोदर दिया था, वह दूर हो गया।   |   bhagavat अध्याय 9.7: राजा मान्धाता के वंशज   ।   bhagavat स्कन्ध 9: मुक्ति   ।   श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 9: मुक्ति  »  अध्याय 7: राजा मान्धाता के वंशज  »  श्लोक 21
 
 
श्लोक  9.7.21 
तत: पुरुषमेधेन हरिश्चन्द्रो महायशा: ।
मुक्तोदरोऽयजद् देवान् वरुणादीन् महत्कथ: ॥ २१ ॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् इतिहास के बड़े महापुरुष और प्रसिद्ध राजा हरिश्चन्द्र ने किसी मनुष्य की बलि देकर भव्य यज्ञ सम्पन्न किया और सभी देवताओं को तृप्त किया। इससे वरुण ने उन्हें जो जलोदर दिया था, वह दूर हो गया।
 
Thereafter, the great man of history and the famous king Harishchandra performed a great yagya by sacrificing a human being and pleased all the gods. In this way, his dropsy disease caused by Varuna went away.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)