नर्मदा भ्रातृभिर्दत्ता पुरुकुत्साय योरगै: ।
तया रसातलं नीतो भुजगेन्द्रप्रयुक्तया ॥ २ ॥
अनुवाद
नर्मदा की नाग-जाति के भाइयों ने पुरुकुत्स को नर्मदा दे दी। वासुकि के भेजने पर नर्मदा, पुरुकुत्स को ब्रह्माण्ड के निचले भाग में ले गई।
Narmada's serpent brothers gave her to Purukutsa. Sent by Vasuki, Narmada took Purukutsa to the lower part of the universe (Rasaatala).
तात्पर्य
पुंरुत्कुत्स के पुत्रों को विस्तार से बतलाने से पहले, शुकदेव गोस्वामी ने यह वर्णन किया है कि किस प्रकार पुंरुत्कुत्स का विवाह नर्मदा के साथ हुआ था जो उनको ब्रह्मांड के निचले लोक तक ले गई थी।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥