श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 9: मुक्ति  »  अध्याय 7: राजा मान्धाता के वंशज  »  श्लोक 2
 
 
श्लोक  9.7.2 
नर्मदा भ्रातृभिर्दत्ता पुरुकुत्साय योरगै: ।
तया रसातलं नीतो भुजगेन्द्रप्रयुक्तया ॥ २ ॥
 
 
अनुवाद
नर्मदा की नाग-जाति के भाइयों ने पुरुकुत्स को नर्मदा दे दी। वासुकि के भेजने पर नर्मदा, पुरुकुत्स को ब्रह्माण्ड के निचले भाग में ले गई।
 
नर्मदा की नाग-जाति के भाइयों ने पुरुकुत्स को नर्मदा दे दी। वासुकि के भेजने पर नर्मदा, पुरुकुत्स को ब्रह्माण्ड के निचले भाग में ले गई।
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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