Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 9.7.16: रोहित समझ गया कि उसके पिता का इरादा उसे बलि का पशु बनाने का है। इसलिए, खुद को मौत से बचाने के लिए, उसने धनुष-बाण से खुद को लैस किया और जंगल की ओर चला गया। | bhagavat अध्याय 9.7: राजा मान्धाता के वंशज । bhagavat स्कन्ध 9: मुक्ति । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
रोहितस्तदभिज्ञाय पितु: कर्म चिकीर्षितम् ।
प्राणप्रेप्सुर्धनुष्पाणिररण्यं प्रत्यपद्यत ॥ १६ ॥
अनुवाद
रोहित समझ गया कि उसके पिता का इरादा उसे बलि का पशु बनाने का है। इसलिए, खुद को मौत से बचाने के लिए, उसने धनुष-बाण से खुद को लैस किया और जंगल की ओर चला गया।
Rohit understood that his father wanted to make him a sacrificial animal. So to escape death, he equipped himself with bow and arrow and went into the forest.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥