Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 9.7.12: जब दाँत बढ़ गए, तब वरुण हरिश्चंद्र के पास आए और बोले, “अब इस पशु के दाँत बढ़ गए हैं। तू यज्ञ कर सकता है।” हरिश्चंद्र ने उत्तर दिया, “जब इसके सारे दाँत गिर जाएँगे, तभी यह बलि के योग्य होगा।” | bhagavat अध्याय 9.7: राजा मान्धाता के वंशज । bhagavat स्कन्ध 9: मुक्ति । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
दन्ता जाता यजस्वेति स प्रत्याहाथ सोऽब्रवीत् ।
यदा पतन्त्यस्य दन्ता अथ मेध्यो भवेदिति ॥ १२ ॥
अनुवाद
जब दाँत बढ़ गए, तब वरुण हरिश्चंद्र के पास आए और बोले, “अब इस पशु के दाँत बढ़ गए हैं। तू यज्ञ कर सकता है।” हरिश्चंद्र ने उत्तर दिया, “जब इसके सारे दाँत गिर जाएँगे, तभी यह बलि के योग्य होगा।”
When the teeth grew, Varun came and told Harishchandra, "Now the animal's teeth have grown. You can perform the sacrifice." Harishchandra replied, "When all its teeth fall, it will be eligible for sacrifice."
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥