Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 9.7.10: इसके बाद जब बच्चा पैदा हो गया, वरुण हरिश्चंद्र के पास आये और कहा "अब तुम्हारा बेटा हो गया है। इस बेटे से तुम मेरा यज्ञ कर सकते हो।" इसके जवाब में हरिश्चन्द्र ने कहा "जानवर अपने जन्म के दस दिन बाद ही यज्ञ (बलिदान) के लिए उपयुक्त होता है।" | bhagavat अध्याय 9.7: राजा मान्धाता के वंशज । bhagavat स्कन्ध 9: मुक्ति । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
इसके बाद जब बच्चा पैदा हो गया, वरुण हरिश्चंद्र के पास आये और कहा "अब तुम्हारा बेटा हो गया है। इस बेटे से तुम मेरा यज्ञ कर सकते हो।" इसके जवाब में हरिश्चन्द्र ने कहा "जानवर अपने जन्म के दस दिन बाद ही यज्ञ (बलिदान) के लिए उपयुक्त होता है।"
So, when the son was born, Varuna came to Harishchandra and said, “Now you have a son. You can perform my yagya with this son.” In reply to this Harishchandra said, “An animal is eligible for yagya (sacrifice) only after ten days of its birth.”
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥