Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 9.5.19: इस प्रकार राजा ने बड़े सम्मान के साथ दुर्वासा मुनि की अगवानी की। उन्होंने वहाँ पर कई तरह के लज़ीज़ पकवानों का सेवन किया और बहुत संतुष्ट हुए। भोजन के पश्चात, उन्होंने बड़े प्रेम से राजा से भी भोजन ग्रहण करने का आग्रह किया, "कृपया स्वयं भी भोजन ग्रहण कीजिए।" | bhagavat अध्याय 9.5: दुर्वासा मुनि को जीवन-दान । bhagavat स्कन्ध 9: मुक्ति । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
इस प्रकार राजा ने बड़े सम्मान के साथ दुर्वासा मुनि की अगवानी की। उन्होंने वहाँ पर कई तरह के लज़ीज़ पकवानों का सेवन किया और बहुत संतुष्ट हुए। भोजन के पश्चात, उन्होंने बड़े प्रेम से राजा से भी भोजन ग्रहण करने का आग्रह किया, "कृपया स्वयं भी भोजन ग्रहण कीजिए।"
Thus the king welcomed Durvasa Muni with great respect. He was so satisfied after eating various types of delicious dishes that he very affectionately requested the king to eat as well, “Please have your meal.”
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥