Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 9.4.14: राजा परीक्षित ने पूछा: हे महापुरुष, महाराज अम्बरीष बहुत ही महान और आदर्शवान थे। मैं उनके बारे में विस्तार से जानना चाहता हूँ। यह कितना अजीब है कि एक ब्राह्मण का अटल शाप उन पर असर नहीं दिखा पाया। | bhagavat अध्याय 9.4: दुर्वासा मुनि द्वारा अम्बरीष महाराज का अपमान । bhagavat स्कन्ध 9: मुक्ति । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
श्रीराजोवाच
भगवञ्छ्रोतुमिच्छामि राजर्षेस्तस्य धीमत: ।
न प्राभूद् यत्र निर्मुक्तो ब्रह्मदण्डो दुरत्यय: ॥ १४ ॥
अनुवाद
राजा परीक्षित ने पूछा: हे महापुरुष, महाराज अम्बरीष बहुत ही महान और आदर्शवान थे। मैं उनके बारे में विस्तार से जानना चाहता हूँ। यह कितना अजीब है कि एक ब्राह्मण का अटल शाप उन पर असर नहीं दिखा पाया।
King Parikshit asked: O great man, Maharaja Ambrish was certainly of very high and virtuous character. I want to hear about him. How amazing it is that the insurmountable curse of a Brahmin could not show any effect on him.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥