यत् ते पितावदद् धर्मं त्वं च सत्यं प्रभाषसे ।
ददामि ते मन्त्रदृशो ज्ञानं ब्रह्म सनातनम् ॥ १० ॥
अनुवाद
शिवजी ने कहा: तेरे पिता ने जो कुछ कहा, वो सत्य है और तू भी वही सत्य कह रहा है। इसलिए मैं, जो वेदमंत्रों का ज्ञाता हूँ, तुझे दिव्य ज्ञान समझाऊँगा।
Lord Shiv said: Whatever your father has said is true and you are also saying the same truth. Therefore, being the knower of Vedic mantras, I will impart divine knowledge to you.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥