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bhagavat 9.3.4: ईश्वर के संकेत से प्रेरित होकर, उस युवती ने अनजाने में उन दोनों जुगनुओं को एक काँटे से छेद दिया और जब उन्हें छेदा गया तो उनमें से खून बहने लगा।   |   bhagavat अध्याय 9.3: सुकन्या तथा च्यवन मुनि का विवाह   ।   bhagavat स्कन्ध 9: मुक्ति   ।   श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 9: मुक्ति  »  अध्याय 3: सुकन्या तथा च्यवन मुनि का विवाह  »  श्लोक 4
 
 
श्लोक  9.3.4 
ते दैवचोदिता बाला ज्योतिषी कण्टकेन वै ।
अविध्यन्मुग्धभावेन सुस्रावासृक् ततो बहि: ॥ ४ ॥
 
 
अनुवाद
ईश्वर के संकेत से प्रेरित होकर, उस युवती ने अनजाने में उन दोनों जुगनुओं को एक काँटे से छेद दिया और जब उन्हें छेदा गया तो उनमें से खून बहने लगा।
 
As if inspired by Providence, the young girl, unknowingly, pierced both the fireflies with a thorn, due to which blood started oozing out of them.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)